``` ये फैमिली है IAS की फैक्ट्री! मां-बाप, बेटा-बेटी सहित 6 मेंबर ने पास की UPSC - टाइम्स ऑफ़ हिंदी
आपका स्वागत है! टाइम्स ऑफ़ हिंदी पर रंग-बिरंगी ख़बरों की दुनिया में!

ये फैमिली है IAS की फैक्ट्री! मां-बाप, बेटा-बेटी सहित 6 मेंबर ने पास की UPSC

Success Story : परिवार में एक भी व्यक्ति आईएएस-आईपीएस बन जाए तो उस परिवार की चर्चा दूर-दूर तक होती है. साथ ही कई पीढ़ियों तक उसकी मिसाल दी जाती है. लेकिन कुछ परिवार ऐसे हैं जहां कई लोग आईएएस-आईपीएस हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही परिवार से मिला रहे हैं जिसमें 6 लोग आईएएस अफसर हैं. यह परिवार राजस्थान के गंगानगर जिले के बामनवास का है.

गंगानगर जिले के बामनवास के रहने वाले अर्नब प्रताप सिंह के परिवार में पांच लोग आईएएस अफसर हैं. अर्नब प्रताप सिंह खुद आईएएस हैं. उन्होंने यूपीएससी 2022 में 430वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने यूपी के लखनऊ के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की है. अर्नब ने लखनऊ के सीएमएस व दिल्ली के डीपीएस स्कूल में भी पढ़ाई की है.

माता-पिता और ताऊ भी आईएएस अफसर

अर्नब प्रताप सिंह के पिता बाबूलाल मीणा 1991 बैच के आईएएस अफसर हैं. वह यूपी में कार्यरत हैं. जबकि उनकी मां वीना मीणा 1993 बैच की आईएएस हैं. वह भी यूपी कैडर की अधिकारी हैं. इसके अलावा उनके ताऊ जी डॉ. बत्तीलाल मीणा भी आईएएस अफसर रहे हैं. वह सर्विस से रिटायर हो चुके हैं.

दो बहनें भी आईएएस

अर्नब के ताऊ रिटायर्ड आईएएस बत्तीलाल मीणा की बेटी और उनके चाचा की बेटी शेफाली ने भी 2016 में यूपीएससी परीक्षा क्लीयर किया था. ये दोनों लोग भी आईएएस हैं. अर्नब की ये बहनें गुजरात कैडर में सेवाएं दे रही हैं.

ये भी पढ़ें-
कौन है वह इंडियन गर्ल जिसे Truecaller के सीईओ ने दिया जॉब का ऑफर, सोशल मीडिया पर हो रही थी ट्रोल
Success Story: 50 लाख जीतने वाली महिला तहसीलदार ने दिया इस्तीफा, जीत चुकी हैं कई अवार्ड

Tags: IAS exam, Job and career, Success Story

टाइम्स ऑफ़ हिंदी Perspective:

इस सबल संघर्ष और संघठन की मिसाल हमें यह बताती है कि आईएएस परीक्षा की तैयारी और सफलता के लिए परिवार का साथ, समर्थन और प्रेरणा बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, यह भी साबित करता है कि संघर्षशीलता, समर्पण और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह परिवार हमें संघठनशक्ति के महत्व को समझाता है और हमें यह भी सिखाता है कि सपनों को पूरा करने के लिए एक दृष्टिकोण, संघर्ष और समर्थन की आवश्यकता होती है।

Share this article
Shareable URL
Prev Post

Hiroshima Day 2023: टाला जा सकता था जापान पर परमाणु बम का गिराना

Next Post

सीलिंग फैन की पंखुड़ी पर गंदगी जमने से क्या होता है, कभी जानने की कोशिश की आपने?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read next

अब 112 डायल करते ही पहुंचेगी पुलिस, इन थानों को मिली अत्याधुनिक सुविधाएं, जानें खासियत

मोहित शर्मा/करौली. हिंडौन सिटी के निवासियों के लिए अब किसी भी प्रकार की घटना की सूचना देने के लिए मुश्किलों का…

दादा-दादी बने मेघा की प्रेरणा, रोजगार अधिकारी रहते हुए RAS में हासिल की रैंक

पीयूष पाठक/अलवर : चाहे आप किसी भी चीज को सच्चे दिल से चाहें और कड़ी मेहनत करें, तो वह कामयाबी आपको हर हाल में…

4 राज्यों में किसका होगा राज? शिवराज सहित कई नेताओं की तय होगी किस्मत

रविवार को जब चार विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना संपन्न हो जाएगी तो उनके नतीजे न केवल देश के राजनीतिक परिदृश्य…

गहलोत कैबिनेट ने 19 नए जिलों के प्रस्‍ताव पर लगाई मुहर, 3 नए संभाग को हरी झंडी

जयपुर. राजस्थान में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में सत्‍तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा जोरशोर से…