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Barmer News: बदलेगा चाइल्ड लाइन का नंबर, इस दिन से 1098 की बजाय डायल करें 112

मनमोहन सेजू/बाड़मेर. पश्चिम राजस्थान के बाड़मेर के रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड और सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाले लावारिस बच्चों के साथ कोई घटना न हो इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दी जाती थी, लेकिन अब इसमें बदलाव किया जा रहा है. अब इस नंबर को मिशन वात्सल्य के तहत 112 में मर्ज कर दिया जाएगा. बाड़मेर में 8 अक्टूबर से लावारिश बच्चों के संबंध में जानकारी देने के लिए 112 डायल करना होगा.

केंद्र सरकार ने बच्चों की सहायता के लिए संचालित देशव्यापी हेल्पलाइन 1098 के क्रियान्वयन में बड़े बदलाव कर दिए हैं. चाइल्ड लाइन से अब एनजीओ को बाहर कर दिया गया है और इसके क्रियान्वयन की जवाबदेही राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दी है. चाइल्ड लाइन के काम में न केवल बच्चों को बचाना शामिल है, बल्कि उनकी काउंसलिंग करना, उन्हें कौन परेशान कर रहा है. इसकी पहचान करना और फिर उन समस्याओं का समाधान ढूंढना भी शामिल है.

चाइल्ड लाइन नंबर को गृह मंत्रालय के साथ राष्ट्रव्यापी टोल फ्री नंबर 112 के साथ संयुक्त किया गया है. 112 भारत सरकार द्वारा विविध आपातकालीन सेवाओं के लिए पहले से ही संचालित है. करीब 20 साल से चल रहा है. चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 अब 8 अक्टूबर से 112 में मर्ज हो जाएगा. ऐसे में 8 अक्टूबर से मुसीबत में फंसे बच्चों की मदद के लिए 1098 के स्थान पर अब 112 नंबर पर कॉल करना होगा. पहले इसके लिए 30 सितंबर तक का समय तय किया गया था, लेकिन प्रदेश में डब्लूसीडी नियंत्रण कक्ष की स्थापना और कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार को इसके लिए 7 अक्टूबर तक का समय दिया है.

राज्य सरकार के बाल अधिकार विभाग के अधीन वात्सल्य योजना के तहत इसका संचालन किया जाएगा. चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन और उसके सहयोगी गैर सरकारी संगठनों से चाइल्डलाइन सेवा के परिवर्तन और अधिग्रहण के लिए विस्तार को 7 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है, ऐसे में 8 अक्टूबर से ऐसे लावारिश बच्चों की जानकारी 112 नंबर पर दी जा सकेगी.

टैग: बाड़मेर समाचार, Local18, राजस्थान समाचार हिंदी में

[टाइम्स ऑफ़ हिंदी की एक विशेषता] हालांकि बच्चों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1098 को बदलकर 112 में मर्ज किया जा रहा है, यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो उन्हें जरूरी सहायता और सुरक्षा प्रदान करेगा। यह परिवर्तन चाइल्ड लाइन के संचालन को और भी मजबूत और प्रभावी बनाएगा। बच्चों की सुरक्षा के मामले में हमेशा सतर्क रहना चाहिए और उनकी आवाज को सुनना और मदद करना आवश्यक है।

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