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आलू से बचते हैं आप? एनर्जी का भंडार है, वैज्ञानिक भी मानते हैं लोहा, जानें कमाल के गुण

स्वस्थ बनाए रखने में आलू का योगदान विशेष है. यह एक ऐसा फूड है जो तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है. भारत में जितनी भी सब्जियां या जड़ीले कंद हैं, उनमें सबसे अधिक खपत आलू की होती है. पहली बात तो यह कि आलू बारह महीने उपलब्ध रहता है, दूसरे इसके दामों में कभी भी बहुत तेजी से इजाफा नहीं होता है. फूड एक्सपर्ट कहते हैं कि आलू के पौष्टिक तत्वों का पूरा लाभ उठाना है तो बिना छिले उबालकर या भूनकर खाएं.

वेज-नॉनवेज, सबमें उपयोगी है आलू

भारत में आलू के बिना रसोई और भोजन की कल्पना हीं नहीं की जा सकती है. यह एक ऐसा कंद (सब्जी) है, जो पूरे भारत में खाया जाता है. इसकी खपत को लेकर कहीं भी किंतु परंतु नहीं है. इसे उबालकर खाया जा सकता है, चाहे तो सीधे आग में भूनकर खा लें. मन करे तो ग्रेवी वाली आलू की सब्जी बना लें, या हरी मिर्च और धनिया डालकर सूखे आलू का मजा लें. इसे दाल में मिला लें, सब्जियों का गठजोड़ बना लें या नॉनवेज में मिलाकर बनाएं, यह अपना स्वाद और गुण नहीं छोड़ता है. भंडारे वाली आलू की सब्जी और गरमा-गरम पूड़ी का प्रसाद के तो वाकई में क्या कहने. आलू की कई किस्में पैदा होती हैं, लेकिन भारत में तो पहाड़ी आलू ज्यादा ही नजर आता है. वैसे किसान कहते हैं कि किसी भी प्रकार के आलू के आगे पहाड़ी लगा दो, वह आराम से बिकता है.

कैलोरी, कॉपर, मैग्नीशियम, कैल्शियम आदि का सोर्स

शरीर के लिए आलू कितना लाभकारी है, इसको लेकर फूड एक्सपर्ट, न्यूट्रिशियन कंसलटेंट, डायटिशियन व वेदाचायों से बात की गई. सभी का मानना है कि अगर आलू को उबाल या भूनकर खाया जाए, यानी उसमें किसी भी प्रकार के ऑयल को मिक्स न किया जाए तो वह वह सबसे अधिक लाभकारी है. बिना छिले आलू को पकाकर खाना तो सोने पर सुहागा जैसा है. अगर आलू में पोषक तत्वों की बात करें तो लेखक व भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बिश्वजीत चौधरी की पुस्तक ‘VEGETABLES’ के अनुसार 100 ग्राम आलू में कैलोरी 97, नमी 74 ग्राम, प्रोटीन 1.6 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 22 ग्राम, फाइबर 2 ग्राम, विटामिन सी 17 मिलीग्राम (एमजी), कैल्शियम 10 एमजी, सोडियम 11 एमजी, पोटेशियम 247 एमजी के अलावा आयरन, कॉपर, मैग्निशयम आदि भी थोड़े-बहुत पाए जाते हैं. यही विटामिन्स व मिनरल्स आलू का विशेष सब्जी की श्रेणी में ले आते हैं.

शरीर के लिए भरपूर गुणकारी है

1. आलू में पाए जाने कार्बोहाइड्रेट व पोटेशियम इसका प्लस पॉइंट हैं. इसका सेवन शरीर को तुरंत एनर्जी या कहें कि ऊर्जा प्रदान करता है. चूंकि इसमें न के बराबर फैट होता है, इसलिए पेट भरा-भरा तो हो जाएगा, लेकिन वह आपका वजन नहीं बढ़ने देगा. लेकिन ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में आलू का सेवन वजन में इजाफा कर सकता है. इसमें पाया जाने वाला पोटेशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखता है, मसल्स को कमजोर नहीं होने देता और थकावट से बचाए रखता है.

2. आलू के गूदे में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है, जो पेट के पाचन सिस्टम को दुरुस्त रखता है. अगर आलू का छिलके समेत खाया जाए तो कब्ज की समस्या से छुटकारा मिला रहेगा. आलू में मौजूद स्टार्च को भी पेट के लिए गुणकारी माना जाता है. लेकिन इस बात का ध्यान रखना होगा कि आलू में ऑयल की मात्रा जितनी कम होगी, वह डाइजेशन के लिए उतना ही लाभकारी है.

3. विशेष बात यह है कि आलू को दिमाग के लिए भी गुणकारी माना जाता है. इसमें अल्फा लिपोइक एसिड भी पाया जाता है, जो एंटीऑक्सीडेंट है जो याददाश्त व नर्व सिस्टम से जुड़ी परेशानियों को दूर रखने में मदद करता है. इसका सेवन मूड को बनाए रखता है और डिप्रेशन को दूर रखता है. इसका एक लाभ यह होता है कि नींद अच्छी आती है जो स्वस्थ शरीर के लिए बेहद जरूरी है.

4. चूंकि आलू में फैट नहीं होता है तो कोलेस्ट्रॉल की समस्या से सामना नहीं करना पड़ेगा. अगर यह तत्व शरीर में न के बराबर है तो हार्ट की फंक्शनिंग स्मूद रहेगी. आलू पर की गई रिसर्च यह भी बताती है कि इसके सेवन से ल्यूकोसाइटेसिस कम हो सकता है, जो बॉडी में संक्रमण और सूजन का कारण बनता है. आलू को स्किन के लिए भी लाभकारी माना जाता है. हमेशा कटे-गले, अंकुरित या हरे आलू से परहेज करना चाहिए. ऐसे आलू में हानिकारक कैमिकल्स बन जाते हैं जो सिरदर्द, मतली, उल्टी, दस्त, बेचैनी का कारण बन सकते हैं.

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