``` वन्य कर्मियों की लापरवाही और ग्रामीणों की सेल्फी की चाह करा देती बड़ा कांड, देखें Video - टाइम्स ऑफ़ हिंदी
आपका स्वागत है! टाइम्स ऑफ़ हिंदी पर रंग-बिरंगी ख़बरों की दुनिया में!

वन्य कर्मियों की लापरवाही और ग्रामीणों की सेल्फी की चाह करा देती बड़ा कांड, देखें Video

सृजित अवस्थी/ पीलीभीत. भले ही वन विभाग ने बीते ढाई महीने से पीलीभीत के माधोटांडा इलाके में आतंक का पर्याय बनी बाघिन को रेस्क्यू कर ख़ुद की पीठ थपथपा ली हो. लेकिन, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन अधिकारियों और पुलिस की लापरवाही के चलते किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती थी. हालांकि, वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम में शामिल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने सूझबूझ से मामले को काबू कर लिया.

पीलीभीत के माधोटांडा इलाके में बीते ढाई महीने से बाघिन के आतंक की खबरें सामने आ रही थी. वहीं बीते कुछ समय में ही बाघिन तीन ग्रामीणों को अपना निवाला बना चुका है. ऐसे में ग्रामीण दहशत के साथ ही साथ आक्रोशित भी हैं. ग्रामीणों के दबाव को देखते हुए विभाग की ओर से बाघिन को रेस्क्यू करने के प्रयास किए जा रहे थे. 17 अक्टूबर को चले रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग को सफलता तो मिली लेकिन ये सफलता बाघिन और हजारों ग्रामीणों की जान की बाजी लगाकर हासिल की गई है.

बड़ी अनहोनी हो सकती थी
वन अधिकारी सुबह से ही मौके पर मौजूद थे, लेकिन हालातों को भांपने में सभी असफल रहे. जैसे जैसे समय बढ़ता गया वैसे ही मौके पर ग्रामीणों की संख्या भी बढ़ी. जिस समय बाघिन को रेस्क्यू किया जा रहा था उस दौरान बाघिन से 10 मीटर की दूरी से हजारों ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई थी. ऐसे में कब क्या हादसा हो जाता इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है.

सुरक्षा में पुलिसकर्मी रहे फोटोग्राफी में मशगूल
गांव जमुनिया में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए माधोटांडा थाने की पुलिस तैनात की गई थी. लेकिन जैसे ही बाघिन नजर आई ग्रामीणों के साथ ही साथ पुलिसकर्मी भी बाघ के दीदार और फोटो लेने में मशगूल नजर आए. जब रेस्क्यू में जुटे डॉक्टर ने पुलिस को चेताया तब कहीं जाकर पुलिस हरकत में आई. लेकिन तब तक भीड़ इतनी बेकाबू हो चुकी थी कि उनके लिहाज से पुलिस बल नाकाफी साबित हुआ.

बाल-बाल बचे बाघिन को काबू करने गए वनकर्मी
लगातार दवा की डोज दिए जाने के बाद भी ग्रामीणों के शोर शराब के चलते बाघिन पूरी तरह अचेत नहीं हो पाई. लेकिन फिर भी अधिकारियों ने क्विक रिस्पॉन्स टीम को खाबड़ के अंदर भेज दिया. ऐसे में बाघिन स्ट्रेचर पर लाते समय एकाएक वन कर्मियों पर हमलावर हो गई. जिसमें जैसे तैसे सूझबूझ दिखा कर वन कर्मियों ने अपनी जान बचाई.

Tags: Local18, Pilibhit news, Tiger reserve, Up news in hindi

Share this article
Shareable URL
Prev Post

जांजगीर की बटाटा पापड़ी नहीं खाई तो क्या खाया, एक बार खाएंगे दीवाने हो जाएंगे, बोलेंगे वाह !

Next Post

ज्यादा मटन खाते हैं तो हो जाएं सावधान, घेर लेगा ये गंभीर रोग, चपेट में रखेगा ताउम्र, बचने का उपाय बस एक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read next

‘मैंने कहा था तुम्हें’ मूड में सपा, लेकिन कांग्रेस नहीं देना चाहती भाव, UP में सीट बंटवारे पर तनाव, बसपा ने बिगाड़ा खेल

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में ‘इंडिया ब्लॉक’ के दो मुख्य घटक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच ‘सियासी मुद्दे’…

मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा से शादी के 8 द‍िन बाद पत्‍नी पहुंची थाने, लगाए ये गंभीर आरोप, केस दर्ज

इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा के खिलाफ नोएडा पुल‍िस ने केस दर्ज क‍िया है. यह केस क‍िसी और ने नहीं…

टिकैत परिवार बलिदान को तैयार, दिल्ली तक ट्रैक्टर मार्च, BKU नेता ने भरी हुंकार

मुजफ्फरनगर (उप्र). भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने शनिवार को कहा कि किसान अपनी मांगों को…

शुद्ध चांदी से बनी मूर्तियां बनी आकर्षण का केंद्र, दाम भी है बहुत कम

आशीष त्यागी/ बागपतः बागपत में शुद्ध चांदी से बनी मूर्तियां आकर्षण का केंद्र बनी है. मूर्तियों में शुद्धता के साथ…