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खालिस्तान मुद्दे का समर्थन करने पर मिल रहा वीजा, कनाडाई राजनयिक कर रहे गड़बड़ी

ओटावा (कनाडा)। भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी नेता हरदीप सिंग निज्जर की हत्या के मामले में तनाव है। शीर्ष सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कनाडा के राजनयिक चंडीगढ़ और पंजाब के अन्य क्षेत्रों में खालिस्तानी समर्थकों को वीजा देने के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कनाडाई राजनयिकों को लोगों की पृष्ठभूमि जाने के बावजूद उन्हें वीजा देने के मामले में ‘बहुत नरम’ हो गए हैं। वीजा अधिकतम ताकत और समर्थन प्रदान करने के लिए बढ़ाया जाता है।

इसके अलावा, भारत की मदद करने से इंकार करने के बारे में सूत्रों का कहना है कि कनाडा में शरण लेने वाले लोगों की जांच में भारत द्वारा प्रत्यर्पण करने से इंकार किया जाता है। इस पर भारतीय किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के बारे में सूत्रों का कहना है कि कनाडा भारत के मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है।

भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ गया है। जस्टिन ट्रूडो सरकार ने 41 राजनयिकों को वापस बुलाया है। इससे पहले उन्हें समानता की मांग की गई थी क्योंकि भारत में तैनात कनाडा के दूतों ने भारतीय किसानों के आंदोलन में हस्तक्षेप किया था।

टाइम्स ऑफ़ हिंदी की अद्वितीय दृष्टिकोण: खालिस्तान मुद्दे के बारे में दोनों देशों के बीच तनाव एक बड़ी मुद्दा है। यह खबर बताती है कि भारत और कनाडा के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्ष लिए गए हैं। इससे सामान्य लोग खालिस्तानी मुहिम के प्रति जागरूक हो सकते हैं और इस विषय पर गहरी समझ रख सकते हैं।

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