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बंदरों के आतंक का गढ़ बना करौली का MCH अस्पताल, वार्ड में घुसकर कर रहे हमले

मोहित शर्मा/करौली. करौली जिले के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु अस्पताल में बंदरों का आतंक थमने का कतई नाम नहीं ले रहा है. इस अस्पताल में बंदर जमकर हुड़दंग मचाने के साथ आए दिन अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों पर छीना-छपटी कर देते हैं और तों और कई बार तो यह बंदर डिलीवरी कराने आई महिलाओं और उनके साथ आए परिजनों को भी घायल कर देते हैं.

सबसे बड़ी बात तो यह है कि जिला मुख्यालय के इस सबसे बड़े अस्पताल में बंदर आम लोगों की तरह अस्पताल परिसर के अंदर महिला वार्ड, चिकित्सकों के केबिन और लेबर रूम के अंदर भी बैठे और घूमते हुए नजर आते हैं. बंदरों के आतंक से यहाँ मरीज और उनके साथ आए परिजन हमेशा MCH अस्पताल में भयभीत रहते हैं.

गंभीर बात तो यह है कि इस अस्पताल में चिकित्सकों की टीम भी बंदरों के आतंक से भयभीत रहती है फिर भी इस सबसे बड़ी समस्या का पिछले एक दो सालों से समाधान नहीं हो पाया है. सबकुछ पता होने के बावजूद भी जिम्मेदार इस गंभीर समस्या पर ध्यान तक नहीं दे रहे हैं.

बंदरों ने अस्पताल में खाली जगह पर बना रखे हैं घर

MCH अस्पताल में पीजी की इंटर्नशिप करने आए डॉ मुकेश शर्मा ने बताया बंदरों ने इस अस्पताल में खाली जगह पर अपने घर बना रखे हैं. न-न करते भी इस अस्पताल में सैकड़ो की संख्या में बंदर यहाँ मौजूद है. आए दिन यह बंदर हॉस्पिटल परिसर के अंदर भी घूमते नजर आते हैं. जिससे मरीजों को सबसे ज्यादा इस परेशानी का सामना करना पड़ता है.

दुर्घटना की आशंका तो बंदरों के आतंक से यहां हमेशा बनी रहती है. उन्होंने बताया कि बंदर तो जानवरों की श्रेणी में आते हैं और यदि वह इस शिशु अस्पताल में किसी नवजात को यदि झपट्टा मार दे तो यह एक बहुत ही बड़ी बात है.

मरीज के परिजनों को नहीं खाने देते खाना

अस्पताल के चारों ओर बंदरों का डेरा

वहीं, MCH अस्पताल में पीजी की इंटर्नशिप करने आए दूसरे चिकित्सक डॉ. रितेश मीणा का कहना है कि इस अस्पताल के चारों तरफ बंदर है. जो आए दिन मरीज और उनके परिजनों को परेशान करते हैं. सामान को तो यह बंदर ले जाने तक नहीं देते हैं. उनका कहना है कि हम भी इंटर्नशिप के कारण अस्पताल के पास में ही बने क्वार्टर में रहते हैं वहां भी यह बंदर हुड़दंग मचाते हैं. कभी छतों पर रखी पानियों की टंकियां को तोड़ देते हैं तों कभी नलियों को तोड़ जाते हैं, जिससे आए दिन हम पानी को लेकर भी परेशान रहते हैं.

Tags: Karauli information, Local18, Rajasthan information

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